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आधार पहचान दस्तावेज़ के नाम पर सबसे बड़ा बदलाव! अब कार्ड पर नहीं दिखेगा नाम, पता, लिंग, उम्र और 12 अंकों की विशिष्ट संख्या — सिर्फ फोटो और क्यू.आर कोड बनेगा पहचान का नया स्वरूप!

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण दिसंबर 2025 में लागू करेगा नई गोपनीयता-कवच नीति, आधार क़ानून की भावना अनुरूप डाटा सुरक्षा में क्रांतिकारी सुधार की तैयारी

आधार पहचान दस्तावेज़ के नाम पर सबसे बड़ा बदलाव! अब कार्ड पर नहीं दिखेगा नाम, पता, लिंग, उम्र और 12 अंकों की विशिष्ट संख्या — सिर्फ फोटो और क्यू.आर कोड बनेगा पहचान का नया स्वरूप! भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण दिसंबर 2025 में लागू करेगा नई गोपनीयता-कवच नीति, आधार क़ानून की भावना अनुरूप डाटा सुरक्षा में क्रांतिकारी सुधार की तैयारी 🚨⛔

नई दिल्ली/लखनऊ। डाटा सुरक्षा, गोपनीयता और पहचान चोरी के बढ़ते खतरों के बीच भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण अब तक का सबसे बड़ा और संरचनात्मक बदलाव करने जा रहा है, जिसके तहत आधार कार्ड का संपूर्ण डिज़ाइन बदला जाएगा और नए स्वरूप में कार्ड पर केवल धारक की तस्वीर और एक क्यू.आर कोड ही प्रिंट किया जाएगा, जबकि कार्ड से नाम, पता, लिंग/आयु, 12 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या पूरी तरह हटा दी जाएगी, जिसका स्पष्ट अर्थ यह है कि अब आधार कार्ड एक न्यूनतम डाटा-दृश्यता आधारित डाटा-सुरक्षा पहचान-दस्तावेज़ के रूप में कार्य करेगा, और कार्ड में मौजूद सभी महत्वपूर्ण सूचनाएँ केवल क्यू.आर कोड को स्कैन करने पर ही प्राप्त हो सकेंगी, यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है क्योंकि कार्ड पर अधिक सूचनाएँ छपी होने के कारण बैंक, निजी संस्थान, होटल, कंपनियाँ, कार्यक्रम आयोजक आदि अक्सर आधार की छाया-प्रतियाँ (फोटो-कॉपी) जमा कर लेते हैं, जबकि आधार अधिनियम 2016 के अनुसार किसी भी संस्था को आधार संख्या को संग्रहीत या इकट्ठा करने का अधिकार नहीं है, फिर भी ज़मीनी स्तर पर इसके उल्लंघन के मामले निरंतर सामने आते रहे हैं, जिससे डाटा चोरी, पहचान-अपहरण और आर्थिक धोखाधड़ी का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कार्ड पर अधिक सूचना दिखाई देने पर लोग उसी जानकारी का अवैध उपयोग करने लगते हैं, जिससे सामान्य नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है, इसी कड़ी में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने यह भी बताया कि इस नए परिवर्तन का प्रमुख उद्देश्य गोपनीयता संरक्षण को सर्वोच्च मानक पर स्थापित करना है ताकि किसी भी नागरिक की निजी जानकारी बिना नियंत्रित डिजिटल-स्वीकृति के ऑफलाइन माध्यम से साझा न हो, नए स्वरूप में कार्ड अब व्यक्तिगत डाटा को प्रदर्शित नहीं करेगा, बल्कि पहचान-प्राधिकारी द्वारा संरक्षित डिजिटल डाटा तक पहुंच का माध्यम मात्र बनेगा, विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय भारत के डाटा-सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में मील का पत्थर साबित होगा और इससे ऑफलाइन सत्यापन की अनावश्यक और असुरक्षित प्रक्रिया पर विराम लग सकेगा, सारा सत्यापन अब क्यू.आर-स्कैन आधारित होगा, जिससे न केवल धोखाधड़ी रुकेगी बल्कि आधार अधिनियम की मूल भावना — डाटा को न्यूनतम साझा करना, गोपनीय रखना और दुरुपयोग से बचाना — अपने वास्तविक रूप में लागू हो सकेगी, वहीं उत्तर प्रदेश सहित देशभर के युवाओं, सेवा-कर्मियों और सामान्य नागरिकों के लिए यह जान लेना भी अत्यंत आवश्यक है कि अब कार्ड पर दी गई जन्म की तारीख जैसी सूचनाएँ प्रत्यक्ष रूप से प्रदर्शित नहीं होंगी, बल्कि सत्यापन के समय डिजिटल-स्कैन द्वारा आधिकारिक स्त्रोत से प्राप्त होंगी, प्राधिकरण द्वारा यह भी संकेत दिया गया है कि इन परिवर्तनों का लाभ आम नागरिकों की सुरक्षा को दीर्घकालिक रूप से सशक्त बनाएगा, उत्तर प्रदेश प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार के विभागीय तंत्र भी इस बदलाव को लेकर तैयारियों पर नज़र बनाए हुए हैं क्योंकि इससे नियोजन, भर्ती, पेंशन, लाइसेंस, सत्यापन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की प्रक्रिया में नया सुधारात्मक युग प्रारंभ होगा, नया नियम प्रस्तावित रूप से दिसंबर 2025 से प्रभावी (लागू) किया जाएगा, जिसका मूल उद्देश्य डाटा का गलत इस्तेमाल रोकना, पहचान चोरी पर लगाम लगाना और धोखाधड़ी-रहित प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करना है, साथ ही हर क़ीमत पर नागरिक-गोपनीयता को संरक्षित रखना भी इस निर्णय का मुख्य आधार है, फिलहाल प्राधिकरण द्वारा इस डिज़ाइन परिवर्तन, तकनीकी संरचना और विभागीय निर्देशों की अंतिम रूपरेखा तैयार की जा रही है ताकि इसे निर्बाध रूप से लागू किया जा सके, यह फैसला साफ संकेत देता है कि भारत का डाटा-सुरक्षा तंत्र अब पुराने काग़ज़ी-भरोसे से आगे निकलकर सुरक्षित डिजिटल-पहचान-आधार की ओर बढ़ चुका है, और आने वाले दिनों में आधार कार्ड का यही नया, सुरक्षित और न्यूनतम डाटा-दर्शी रूप ही जनता की पहचान का सबसे शक्तिशाली माध्यम बनेगा।


रिपोर्ट : अलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी समाचार
ब्यूरो प्रमुख – दैनिक आशंका बुलेटिन, सहारनपुर
संपर्क : 8217554083


 

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